व्यक्तिव का विकास
जीवन में सादगी लाना और तुच्छ विचारों को हृदय से दूर कर देना अपने आप में महान् गुण है । अपने पर गर्व करना एक बड़ा दोष है । जीवन को सादा बनाने के लिए इस दोष का दूर करना नितांत आवश्यक है । सादा जीवन व्यतीत करनेवाला विनयशील, शिष्ट तथा आत्मनिर्भर होता है ।
संसार में वे ही लोग अमर होते है जिनकी आत्मा महान् होती है और जो संसार में अपने पीछे ऐसे आदर्श छोड़ जाते हैं, जिनसे प्रेरणा पाकर अगली पीढ़ी अपना मागदर्शन पा सके । अधिकांशत: वे मध्यम वर्ग के घरों में पलते हैं, परंतु इतने सादे जीवन में भी उनमें उच्च विचार जन्म लेते हैं और उन्हीं में वे विकसित भी होते हैं ।
मनुष्य में विनय, औदार्य, सहिष्णुता, साहस, चरित्र-बल आदि गुणों का विकास होना अति आवश्यक है । इनके बिना उसका जीवन सफल नहीं हो सकता । इन गुणों का प्रभाव उसके जीवन और विकास पर अवश्य पड़ता है । रहन-सहन, वेशभूषा, आचार- विचार का एक स्तर होना चाहिए । बड़े-से-बड़े कष्ट में भी धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए; अपव्ययी नहीं होना चाहिए और विपुल मात्रा में धन होने पर भी धन का अपव्यय नहीं करना चाहिए ।
हमने अपनी सोच बदलनी है:-
- जैसे हम अश्लील मूर्तियाँ देखते हैं तो अश्लीलता उत्पन्न होती है क्योंकि उस उत्तेजक मूर्ति ने अंदर चिंगारी लगा दी, पैट्रोल सुलगने लगा। ऐसी तस्वीरों को तिलांजलि दे दें।
- जैसे हम देशभक्तों की जीवनी पढ़ते हैं और मूर्ति देखते हैं तो हमारे अंदर देशभक्ति की प्रेरणा होती है। ऐसी तस्वीर घर में हों तो कोई हानि नहीं।
- यदि हम साधु-संत-फकीरों तथा अच्छे चरित्रावान नागरिकों की जीवनी पढ़ते-सुनते हैं तो सर्व दोष शांत होकर हम अच्छे नागरिक बनने का विचार करते हैं। इसलिए हमें संत तथा सत्संग की अति आवश्यकता है जहाँ अच्छे विचार बताए जाते हैं।
- हम अपनी छोटी-सी बेटी को स्नान कराते हैं, वस्त्रा पहनाते हैं। इस प्रकार सब करते हैं। वही बेटी विवाह के पश्चात् ससुराल जाती है। अन्य की बेटी हमारे घर पर बहू बनकर आती है। अब नया क्या हो गया? यह शुद्ध विचार से विचारने की बात है। इस प्रकार विवेक करने से खानाबदोश विचार नष्ट हो जाते हैं। साधु भाव उत्पन्न हो जाता है।
- समाचार पत्रों में भी इतनी अश्लील तस्वीरें छपती हैं जो युवाओं को असामान्य कर देती हैं। कुछ कच्छे की प्रसिद्धि में लड़कियाँ केवल अण्डरवीयर तथा चोली (ब्रेजीयर) पहनती हैं जो गलत है। इसी प्रकार पुरूष भी अण्डरवीयर (कच्छे) की प्रसिद्धि के लिए केवल कच्छा पहनकर खड़े दिखाई देते हैं जो महानीचता का प्रतीक है। इनको बंद किया जाना चाहिए। इसके लिए सभ्य संगठन की आवश्यकता है जो संवैधानिक तरीके से इस प्रकार की अश्लीलता को बंद कराने के लिए संघर्ष करे तथा मानव को चरित्रावान, दयावान बनाने के लिए अच्छी पुस्तकें उपलब्ध करवाए। सत्संग की व्यवस्था करवाए।
- अच्छे विचार सुनने वाले बच्चे संयमी होते हैं। देखने में आता है कि जिस बेटी का पति विवाह के कुछ दिन पश्चात् फौज में अपनी ड्यूटी पर चला गया। लगभग आठ-नौ महीने छुट्टी पर नहीं आता। कुछ बेटियों के पति अपने रोजगार के लिए विदेश चले जाते हैं और तीन वर्ष तक भी नहीं लौटते। वे बेटियाँ संयम से रहती हैं। किसी गैर-पुरूष को स्वपन में भी नहीं देखती। ये उत्तम खानदान की बेटियाँ हैं। पुरूष भी इतने दिन संयम में रहता है। वे बच्चे ऊँचे घर के हैं। असल खानदान के होते हैं। जो भड़वे होते हैं, वे तांक-झांक करते रहते हैं। सिर के बालों की नये स्टाईल से कटिंग कराकर काले-पीले चश्में लगाकर गली-गली में कुत्तों की तरह फिरते हैं। वे खानाबदोश होते हैं। वे किसी गलत हरकत को करके बसे-बसाए घर को उजाड़ देते हैं क्योंकि वे किसी की बहन-बेटी को उन्नीस-इक्कीस कहेंगे जिससे झगड़ा होगा। लड़ाई का रूप न जाने कहाँ तक विशाल हो जाए। किसी की मृत्यु भी हो सकती है। उस एक भड़वे ने दो घरों का नाश कर दिया। इसलिए अपने बच्चों को बचपन से ही सत्संग के वचन सुनाकर विचारवान तथा चरित्रावान बनाना चाहिए।
अगर आप जीवन को बदल देने वाली पुस्तक "ज्ञान-गंगा" या "जीने की राह" मंगवाना चाहते हो तो कॉमेंट मे अपना नाम,पता तथा मोबाइल नंबर अवश्य लिखे।
नोट - ये पुस्तक बिलकुल फ्री है
अधिक जानकारी के लिए आप हमारी वैबसाइट पर जाये
आप हमे यहा पर भी ढूंढ सकते है
Facebook - SA News Channel
Twitter - @satlokashram


एक पुस्तक जो आप को आत्मिक शांति देगी जरूर मंगाए ज्ञान गंगा और जीने की राह ।
ReplyDeleteजिन्दगी बदल देने वाली पुस्तके जीने की राह, गीता तेरा ग्यान, ग्यान गंगा
ReplyDeleteसच्ची भक्ति करने से क्या लाभ है और जीवन में भी सुखी रहने के लिए और परलोक में भी सुखी रहने के लिए अवश्य पढ़े पुस्तक जीने की राह अधिक जानकारी के लिए देखिए रोज शाम 7:30 से 8:30 साधना टीवी पर और जीने की राह पुस्तक पढ़े ।
ReplyDelete����������
http://bit.ly/JeeneKiRah
जीने की राह बहुत अच्छी पुस्तक है आप भी मंगवा सकते है फ्री में घर बैठे हमे कमेंट करके अपना पता दे या फोन नम्बर लिख कर
ReplyDeleteआध्यात्मिक क्षेत्र का पूर्ण ज्ञान प्राप्त करने के लिए पढ़े पुस्तक जीने की राह
ReplyDeleteJeene Ki Raah book sahi mein Jeene Ka Matlab some Jati Hai Adhyatmik Marg par chalne ki Prerna Deti Hai
ReplyDeleteइस पुस्तक को पढ़ने के बाद जिंदगी स्वर्ग जैसी बन जाती है
ReplyDeleteजीने की राह पुस्तक फ्री में मंगवाने के लिए अपना पता कमेंट बॉक्स में लिखें
ReplyDeleteजीने की राह पुस्तक फ्री में मंगवाने के लिए अपना पता कमेंट बॉक्स में लिखें
ReplyDelete8949730153
जीने की राह पुस्तक फ्री में मंगवाने के लिए अपना पता कमेंट बॉक्स में लिखें
ReplyDelete8949730153
जीने की राह पुस्तक फ्री में मंगवाने के लिए अपना पता कमेंट बॉक्स में लिखें
ReplyDelete8949730153
अगर आप जीवन के सफर में सामाजिक, मानसिक और आर्थिक व पारिवारिक समस्याओं से तंग आ गए हैं तो इन सभी का समाधान पाने के लिए पढ़े पुस्तक:-
ReplyDelete1 ज्ञान गंगा
2 जीने की राह, और फ्री में मँगवाने के लिए हमें अपना पूरा नाम पता फोन नंबर लिखकर कमेन्ट बॉक्स में कमेन्ट करें ।